एक बार मेरे मन में आया
मैं भी US जाऊं
क्या रखा हैं रूपये में
मै भी dollar में कमाऊ ||
अपनों को कर के टाटा
हमने भी बिस्तर बांध लिया
बढाना हैं अपना भी बैंक बैलेंस
हमने भी मन में ठान लिया ||
कहा थैंक यू GOD को
जो वीसा में पास हो गए
क्या कहू plane में बैठे बैठे
हम भी cattle class हो गए ||
चलो जैसे भी सही
हम US पहुच गए
थोडा गम तो हुआ की
सब अपने पीछे रह गए ||
देख कर US हमे तो
बड़ा मजा आया
चैन मिला दिल को की
सर खाने कोई ऑटो वाला नहीं आया ||
कुछ हफ्ते तो दिन मेरे
बड़े चैन से बीते
गुजर गए यु ही पल
starbucks की coffee पीते पीते ||
जब आई घर की याद तो
Skype लगा लिया
हमने भी internet पे
अपना अड्डा बना लिया ||
अजब थी दुनिया यहाँ की
हम लेफ्ट तो ये राईट चलाते थे
आधे से ज्यादा ज़िन्दगी
अपनी कारो में बिताते थे ||
शोर शराबो की आदत जो थी इतनी
की ये सन्नाटे मुझे फिर सताने लगे
जेब में भरे dollar थे फिर भी
रूपये मुझे याद आने लगे ||
आने से पहले मुझे बीवी की
लम्बी लिस्ट याद आ गयी
डाल लिया हर Item
जो भी बस्ते में समां गयी ||
जा कर White House हमने
कुछ और फोटो खिच्बायी
इससे पहले NRI बन जाऊ
India की return ticket कटवाई ||
Picture used from http://www.destination360.com
शब्दों की गहराई अचूक है !! जब साथ हो जाती है तो नयी दुनिया बना लेती है !! मैं इन्ही शब्दों का शब्दकार हु , शब्दों से खेलना मेरी आदत , शब्दों में जीना मेरी हसरत !! जुडये मेरे साथ , कुछ सुनिए कुछ सुनाइए , एक दुसरे का हौसला बढाइये||
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मनोभावों को शब्द देने का प्रयास अच्छा लगा
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