Thursday, July 28, 2016

ख़ुदा मिला

ढूंढा जहाँ पे वहाँ मिला
कभी मुझमे , कभी उसमे मिला
खुद को ढूंढता रहता था खुद में
पता नहीं क्यूँ , जहाँ  खोजा, ख़ुदा मिला ||



Random thoughts ...

Random thoughts ... क्यू गुमसुम सी रहती हो , हवाओं की तरह , लहराओ न कभी । उङ जाती हो पलक क्षपकते ही , साथ आओ न कभी ।। कुछ लम्हों की...