Wednesday, February 14, 2007

Chahat

किसी के पास आ के
उसके बाहों में समां जाना,चाहते है
ख़ुद के लिए जी लिया बहुत
अ़ब किसी के रंगों में नहा जाना चाहते है
...
प्यार की धुप जो, है चमक रही नभ पे
उसे आँखों में बसाना चाहते है
हम भी ये तन्हा दिल अब
किसी से लगाना चाहते है
...
मुस्कुराना चाहते है साथ किसी के
किसी के साथ आंसू बहाना चाहते है
जिंदगी के हर किस्से को शब्द पर शब्द
किसी को सुनना चाहते है
...
मिली नही है अब तक
ये तलाश आगे बढ़ना चाहते है
मंजिले मिले न मिले उनसे
राहो को साथ मिलाना चाहते है

एक नज़र इधर भी

कभी देख लो एक नज़र इधर भी की रौशनी का इंतज़ार इधर भी हैं मुस्कुरा के कह दो  बातें चार की कोई बेक़रार इधर भी हैं || समय  बदलता रहता हैं हर...