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Showing posts from October, 2010

मेरा बिहार !!! (Republished)

मेरा जन्म  बिहार के एक शांतिपूर्ण कस्बे में हुआ था , धीरे धीरे पूरा बिहार एक जंगल राज में बदल गया !! मेरी पंक्तिया उन्ही लम्हों को बयां करती हैं !!! मुझे पूरी आशा है , किसी दिन वहा उजाला तो होगा , पर तब तक मेरा इंतज़ार कायम रहेगा !!


कभी  हसती  थी  फिजाए  जिन   गलियों  में .
वहां   अब  सन्नाटो के  जाल  बिछे  हैं  .
नन्हे  पैरो   की  छाप  जहाँ   छोड़  रखी थी  मैंने 
वहां  आंशुओ  के  लम्बे  नहर  बन  चुके  हैं 
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दह  गयी  है  वो  दीवारे ,जिनके  पीछे  हम  छुपा  करते  थे 
बह  गए  है  वो  दरख़्त ,जो  वहां खड़े  रहते  थे .
जहाँ   रहती  थी  अक्सर  रौशनी  की  लम्बी  परछाईया      
वहां  अब   दिए  भी  जला  नहीं  करते  हैं 
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बिखरी  ज़िन्दगी  के  पल  बचते  छुपते  रहते  हैं .
दिन  रात  के  अंतर   खत्म  हो  रहे  हैं .
लाल  आँखों  से  निकली  चिनगारिया  ही  दिखती   हैं .
मोम  से  बने  दिल  भी  सख्त   हो  रहे  हैं 
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किधर  जाए  क्या  पता ,राहों  के  निशा   धुल  गए  हैं .
सुनसान  अंधेरो  में  खूखार  भछक  घूमते  हैं .

Ek Purani Gazal

मैंने ये ग़ज़ल सालो पहले लिखी थी , कभी यहाँ डालने का वक़्त नहीं मिला ...

जिसे याद करके रोये
वो हसे हमे भुला के
दिल ऐसा मेरा तोडा
छोड़ा, हमे रुला के ||
अच्छा था तेरा आना
मेरी ज़िन्दगी में माना
पूछो ना मुझसे कैसे
तडपाया तेरा जाना ||
एक बार तो मिला दे
फ़रियाद कर के रोये
सोया गया ना मुझसे
सारी रात भर के रोये || जिसे याद कर के रोये .....

Love In Computer Language (Republished)

इतना   miss करते  हैं   तुमको 
की  monitor पे  हर   वक़्त  तेरा  चेहरा  दिखता   रहता  है 
मुझे  छोड़  दो  ,ये  keyboard भी 
तेरा  ही  नाम  लिखता  रहता  है ..
.....
तेरे  यादो  की  script दिल  पे  बार  बार 
Timly execute होती  रहती  है 
हम  बार  बार  memory free करते  है  फिर  भी 
ये  CPU दिल  की , तुम्हे  सोचने  में  ही  busy   रहती  है ..
....
कितने  Variables बदल  डाले  हैं   इस  दिल  के 
पर  core algo पर  तेरा  ही   logic छाया  रहता  है ..
बार  बार  Itration छोड़  कर  line debugging करते  हैं 
पर  ये  मन  तेरे  ही  लूप  पे  अटका  रहता  है ...

CWG Updates from a Dummy guy

I have never been a multi sport lover as such. From the day I was born, everyone played cricket , cricket & cricket , sometime i use to think that Gulli Danda was one variant of cricket. I too was a decent cricketer until my dad thought thatplaying was waste of everyone’s time and I was turned into a software engineer. Apart from playing  cricket , I had my chances to play or watch other sports like football , TT, a bit of tennis , badminton and basketball. I must say I have enjoyed them all. But …Hey, this article is not about me its abt CWG. If u don’t know what it means , it is termed as Commonwealth Games….before some media goons turned it as Con Man Games. I must say I enjoyed all the mud thrown on Mr Cool Madi, I wish throwing mud was also one of the discipline in CWG , we must have got a gold medal. Personally I though the media really sometime made “teel ka pahad”. Being so called a third world country , this is the best arrangements we can expect. Now back to games….since…