Wednesday, January 18, 2006

Saath chalna Zindagi

Pukaar lo zindagi
Hum hamesha, taiyaar rahenge
Kabhi tum bhi milo, hum se
Kabhi hum, tumse milenge

Khusiyoo ki ye lukachipi
To chalti hi rahegi, apni dagar
Hum kabhi khafa nahi honge tumse
Mile na mile, koi humsafar

Duba dena kabhi, hume appne rango me
To kabhi tum hume, berang kar denaa
Sikwa nahi karenge, kabhi tumse
Bas is safar me, hume sang kar lena

Kabhi zo tum chorogo, mere saath, nahi
Kasam hai, hum bhi tumhara saath, nahi chorenge
Apni dosti rahegi sadaa, waqt se pare
Kabhi, ek dujhe se, hum muh nahi modenge

Zhilmilaoge tum to, hum bhi muskuraayenge
Chaloge saath saath to, hum bhi chalte jayenge
Mil jaayengi manzile, kaisi bhi raahe aaye
Ki har gum mi koi khusi, hum dund layenge

Sunday, January 08, 2006

Kaash..

तेरी तन्हाई के जख़्मो को
आज तक आसूओ से सी रहे है
भर जाएँगे ज़रूर यही सोच कर
कतरा कतरा हर दिन जी रहे है
...
काश तुम्हे बता पाते
जो आप मेरे दर्दो  के थोड़े करीब होते
अकेले ही रोते है तेरे यादो मे
काश
आप भी कभी मेरे गमो मे शरीक होते
..
सपने टूटने का गम  नही है उतना
जितना आपसे बिछड़ जाने का अहसास है
आप हो गये है इतनी दूर तो
 फिर आपके गम
 क्यू इतने पास है


सुकून नही है एक पल इस ज़िंदगी मे
तार तार हो गये दिल को देख कर
पल पल बेबस हुए जाते है
काश आपको बता पाते अपनी  हालत
की क्या होता है जब अपने  इस कदर
दूर चले जाते है...

एक नज़र इधर भी

कभी देख लो एक नज़र इधर भी की रौशनी का इंतज़ार इधर भी हैं मुस्कुरा के कह दो  बातें चार की कोई बेक़रार इधर भी हैं || समय  बदलता रहता हैं हर...