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Showing posts from February, 2011

इश्क की इम्तिहा

किसी के इश्क की इम्तिहा न ले कोई
किसी के सब्र की इंतिहा न हो जाए
प्यार मर न जाए प्यासा यु ही
और आंशुओ के सैलाब में
ज़िन्दगी न बह जाये …
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कब्र जब भी खुदे हैं प्यार के
आसमा से , खुदा की आह निकली है
प्यार अकेला सही , पर बेबस नहीं
कही खुदा की निशाने पे ,
बेदर्दो के जिगर न आ जाये
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बहुत नाजुक है उनके लवो पे लगी दुआए
इतनी जोर से न हिलाओ की ये ज़मी पे आ जाए
उन्ही की दुआ से झिलमिला रहे हैं चमन तेरे
कही उनकी दुआओं में कोई कमी न आ जाए
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दिल के निशानों को
क्यों वक़्त के पानी से धोने चले हो
कही निशानों के साथ तेरी
रूह की तस्वीर न मिट जाए …
चन खुशियों के लिए खुद को बदलो न यु
की बे-रूह ये खुशिया , शायद , कुछ काम न आये

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देखो न क्या हुआ

कह दू कुछ तुमसे
या चुप रहूँ
बोलो न मुझ से
मै क्या करू
देखो न क्या हुआ
प्यार तो नहीं , प्यार तो नहीं ||२
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घूमता रहता हूँ बारिसो में
ठंड लगती नहीं है हवाए
इस गली उस गली
बेबजाह ही
ढूंढ़ता हूँ तुम्हे आज कल मै
खुद से ही, नज़रे बचाए...
प्यार तो नहीं , प्यार तो नहीं|| २
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आया है मौसम देखो दिलो का
प्यार कर ले मुझे टूट कर तुम
फिर चली जाएँगी ये बहारे
यादो के बस रहेंगे सहारे
फिट ढूंढेगे हम तुमको कहा रे...
प्यार तो नहीं , प्यार तो नहीं ||२
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हर कतरा मेरे पागल दिल का
बस तेरा ही कहा मानता है
कुछ सुनता नहीं ये मेरा तो
अब तुझे ही खुदा जानता है
अब खुदा से हम क्या छुपाये...
प्यार तो नहीं , प्यार तो नहीं|| २

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