Thursday, July 12, 2007

Do Pal



दो पल,फिर मिले
फिर मिले न मिले
आ साथ चल ले,अ़ब इस घड़ी
घडिया ये प्यार की
संग चले न चले
..
देखा है बहते हुए
नदियों के धरो को
छोर जाते है अकेला
कभी साथ थे, उस किनारों को
..
दो पल,आ प्यार ले
दो पल, आ जी ले मर ले
क्या ख़बर, कल हो न हो यहाँ
आ बना ले यही, अपना जहा
...

Aadat



आदत ही ऐसी है , की रुक नही पाते एक मोड़ पे
खुश है हम, सारे बंधन तोड़ के
कस्तियो में ही लगती है अच्छी, ज़िन्दगी आपनी
जो रुक जाए किसी के लिए, वो मुसाफिर किस काम के

कस्तियो में ही लगती है, अच्छी ज़िन्दगी आपनी
जो रुक जाए किसी के लिए, वो मुसाफिर किस काम के
हमने तो कह दिया है अलविदा, हर मिलने वालो को
बस छोड़ा है उनके दिलो में, निशा आपने नाम के

हमने तो कह दिया है अलविदा हर मिलने वालो को
बस छोड़ा है उनके दिलो में, निशा आपने नाम के
मिटा न सकेंगे , वो यादें जो दी है
जो भूल जाए हमे, तो वो लम्हे किस काम के

Thursday, May 24, 2007

Zamana



Aise na koi khole
Dil ke hai jo darwaje
Band hi rahne do unko
Bedard zamana hai
..
Rango se nahi bharte hai man
Rakto ko bahana hai
Ye kaisi aag lagi hai unme
Jinhe, har baag jalana hai
..
Haste hai jakhmo pe
Aapno ko mita dete hai
Aandhi ye ladayi ka
Kaisa aafsana hai
..
Insaaf kaisa hai khuda ka
Khuda ke bando ko hi jana hai
Chor kar , pagal papiyo ko
Bebas bhakto ko bulana hai
..

Wednesday, February 14, 2007

Chahat

किसी के पास आ के
उसके बाहों में समां जाना,चाहते है
ख़ुद के लिए जी लिया बहुत
अ़ब किसी के रंगों में नहा जाना चाहते है
...
प्यार की धुप जो, है चमक रही नभ पे
उसे आँखों में बसाना चाहते है
हम भी ये तन्हा दिल अब
किसी से लगाना चाहते है
...
मुस्कुराना चाहते है साथ किसी के
किसी के साथ आंसू बहाना चाहते है
जिंदगी के हर किस्से को शब्द पर शब्द
किसी को सुनना चाहते है
...
मिली नही है अब तक
ये तलाश आगे बढ़ना चाहते है
मंजिले मिले न मिले उनसे
राहो को साथ मिलाना चाहते है

Thursday, January 18, 2007

Uday..

होटो pe छुपी मुस्कराहट, लौट आई है
प्यार फिर से हमसे मिलने, चली आई है
खो गये थे कही, ज़िन्दगी के अंधेरो में
हा देखो अब रौशनी, लौट आई है
….
जीत गया है वो दिया ,
जिसे हौमु अंधेरो सो बचाए रखा
हौसला था एक दिन होगी सुबह जरुर
इसलिए सीने में एक आस, दबाये रखा

मिल गए है आपसे तो हर सुबह
फिर से सुनहरी होने लगी है
खुल गई है आँखे फिर रौशनी से
फिर से ये सपने संजोने लगी है

आपके प्यार ने बदल दी है दुनिया
बदल गए है हम, आहिस्ता आहिस्ता
जुड़ रहे है तार से तार, धीरे धीरे
बन रहा है फिर से, एक प्यारा सा रिश्ता

एक नज़र इधर भी

कभी देख लो एक नज़र इधर भी की रौशनी का इंतज़ार इधर भी हैं मुस्कुरा के कह दो  बातें चार की कोई बेक़रार इधर भी हैं || समय  बदलता रहता हैं हर...