Thursday, July 12, 2007

Do Pal



दो पल,फिर मिले
फिर मिले न मिले
आ साथ चल ले,अ़ब इस घड़ी
घडिया ये प्यार की
संग चले न चले
..
देखा है बहते हुए
नदियों के धरो को
छोर जाते है अकेला
कभी साथ थे, उस किनारों को
..
दो पल,आ प्यार ले
दो पल, आ जी ले मर ले
क्या ख़बर, कल हो न हो यहाँ
आ बना ले यही, अपना जहा
...

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