Thursday, November 24, 2011

बहने दो

जालों में, जो बंद है ,
ज़िन्दगी सी
खोलो , बहने दो उसे
एक नदी सी | 
उड़ने दो ......., रोको न कही ,
आने दो
एक खुशी सी ||
अला , ला ला ला ला , लाला .....

____

न बनी है ये
छिपने के लिए
सुनो , न बनी है ये
चुप रहने के लिए |
आने दो................ , दिल की आवाजे
कहने दो ..........., कहना चाहता है कुछ बातें
खोल दो , दिल को अब 
दिल बना है ,  रहने के लिए ||
अला , ला ला ला ला , लाला .....

_____________

कही , न देर हो जाए
ये जो शमा है , बुझने  ना पाए 
उठो ................ जागो
अपने हाथो में, है चाँद सूरज
कुछ कर दिखाओ , सुबह बनाओ
अला , ला ला ला ला  , लाला .....

____________________





Random thoughts ...

Random thoughts ... क्यू गुमसुम सी रहती हो , हवाओं की तरह , लहराओ न कभी । उङ जाती हो पलक क्षपकते ही , साथ आओ न कभी ।। कुछ लम्हों की...