Tuesday, October 19, 2010

Love In Computer Language (Republished)

इतना   miss करते  हैं   तुमको  
की  monitor पे  हर   वक़्त  तेरा  चेहरा  दिखता   रहता  है  
मुझे  छोड़  दो  ,ये  keyboard भी  
तेरा  ही  नाम  लिखता  रहता  है .. 
..... 
तेरे  यादो  की  script दिल  पे  बार  बार  
Timly execute होती  रहती  है  
हम  बार  बार  memory free करते  है  फिर  भी  
ये  CPU दिल  की , तुम्हे  सोचने  में  ही  busy   रहती  है .. 
.... 
कितने  Variables बदल  डाले  हैं   इस  दिल  के  
पर  core algo पर  तेरा  ही   logic छाया  रहता  है .. 
बार  बार  Itration छोड़  कर  line debugging करते  हैं  
पर  ये  मन  तेरे  ही  लूप  पे  अटका  रहता  है ... 

1 comment:

कुछ कहिये

Random thoughts ...

Random thoughts ... क्यू गुमसुम सी रहती हो , हवाओं की तरह , लहराओ न कभी । उङ जाती हो पलक क्षपकते ही , साथ आओ न कभी ।। कुछ लम्हों की...