Wednesday, June 01, 2011

अपना ले ज़िन्दगी ...

(मेरा नया गाना ज़िन्दगी से कुछ मांगते हुए किरदार के बारे में है !! मैं ज़ल्द ही इसे you Tube  पर अपने आवाज में upload  करूँगा )

मैं   जीना  चाहता  हूँ   , अपना  ले  ज़िन्दगी
कुछ  उड़ना  चाहता  हूँ   , पंख  लगा  दे  ज़िन्दगी
बीते  हैं  पल  जो  प्यार  के  , उसे  ला  दे  ज़िन्दगी
बतला  दे....  ज़िन्दगी  …..हे  ये  हे  ये  हे हे  , हे  हे  हे हे

कुछ  कशमकश  सी  है  , सुलझा  दे  ज़िन्दगी
गहरे  अंधेरो  में   , कुछ  जला  दे  ज़िन्दगी
हूँ  रौशनी  से  रूबरू  , मिला  दे  ज़िन्दगी
बतला  दे....  ज़िन्दगी  , .... हे ये हे ये हे हे , हे हे हे हे

….
कुछ  गाना  चाहता  हूँ  , गुनगुना  ले  ज़िन्दगी
बिखरे  है  सुर  जो  सारे  , साथ  ला  दे  ज़िन्दगी
अहसान  तेरा  बहुत  होगा , दिल  लगा  दे  ज़िन्दगी
बतला  दे.......  ज़िन्दगी  , .... हे ये हे ये हे हे , हे हे हे हे


कुछ  कसूर  मुझपे  हैं  , ना  सज़ा  दे  ज़िन्दगी
पा  लूँ   मंजिले  मै   , कुछ  दिखा  दे  ज़िन्दगी
भटका  हूँ   मै  बहुत  , अब  बसा  दे  ज़िन्दगी
मुझे बचा   ले .... ज़िन्दगी . ..... हे ये हे ये हे हे , हे हे हे हे
हु उ हु हु हु ... हु उ हु हु .... ला ला ... ला ला ला ....ला ला ....ला ला ||

Sunday, May 22, 2011

गैर

उन्हें  जन्नत   दी  है  तोफे  में

हमे  तो  दोजख   में  भी  ठिकाना  ना   मिला

हर  दुआ  और  दवा  उनको  मिली

हमे  तो  दर्द  बताने  का  भी , बहाना ना   मिला ||



की  परदे  में  हम  हैं

या  उन्होंने  चेहरा  छुपा  लिया 

नज़रो  से  मिलती  नज़र  नहीं  आज  कल , तो  

हमे  भुलाने  का  बहाना  बना  लिया  ||



बिछी  हर बिसात उनके  लिए

हमे  तो  जंगे   जहद  से  ही  निकाल  डाला

हर  फतह  में  नामो  –शोहरत   मिली  उनको

हमरे  खून  को  तो उन्होंने , पानी  बना  डाला  ||



इस  अंधेर  नगरी  में  

अंधो  का  बोलबाला  है

शोर  माचाने  बाले  जिंदा  रहते  है  यहाँ

आँख  वालो  का  मुह  काला  है  ||

Wednesday, April 06, 2011

क्रांति का बिगुल !!

ये आंधी जो है चल पड़ी
उसे जगा , तू दम दिखा
बुझा सा जो दिल में है
उसे जगा, तू दम दिखा ||
ये ज़ुल्म न सहेंगे हम
बहुत सितम वो कर चुके
गिरे जो लाल रक्त हैं
उसे जला , तू दम दिखा ||
आज ही वो वक़्त है
बदलना हमको तख़्त है
कदम मिला कदम मिला
तू दम दिखा , तू दम दिखा
_______________________

अन्ना तू चिंगारी है
उन काले चेहरों पे भरी है |
भागो ए गद्दारों गद्दी से
आ गए क्रांतिकारी हैं ||
________________________

Thursday, February 24, 2011

इश्क की इम्तिहा

किसी के इश्क की इम्तिहा न ले कोई
किसी के सब्र की इंतिहा न हो जाए
प्यार मर न जाए प्यासा यु ही
और आंशुओ के सैलाब में
ज़िन्दगी न बह जाये …
________________________
कब्र जब भी खुदे हैं प्यार के
आसमा से , खुदा की आह निकली है
प्यार अकेला सही , पर बेबस नहीं
कही खुदा की निशाने पे ,
बेदर्दो के जिगर न आ जाये
____________________________
बहुत नाजुक है उनके लवो पे लगी दुआए
इतनी जोर से न हिलाओ की ये ज़मी पे आ जाए
उन्ही की दुआ से झिलमिला रहे हैं चमन तेरे
कही उनकी दुआओं में कोई कमी न आ जाए
____________________________
दिल के निशानों को
क्यों वक़्त के पानी से धोने चले हो
कही निशानों के साथ तेरी
रूह की तस्वीर न मिट जाए …
चन खुशियों के लिए खुद को बदलो न यु
की बे-रूह ये खुशिया , शायद , कुछ काम न आये

_______________

Friday, February 18, 2011

देखो न क्या हुआ

कह दू कुछ तुमसे
या चुप रहूँ
बोलो न मुझ से
मै क्या करू
देखो न क्या हुआ
प्यार तो नहीं , प्यार तो नहीं ||२
______________________  

घूमता रहता हूँ बारिसो में
ठंड लगती नहीं है हवाए
इस गली उस गली
बेबजाह ही
ढूंढ़ता हूँ तुम्हे आज कल मै
खुद से ही, नज़रे बचाए...
प्यार तो नहीं , प्यार तो नहीं|| २
______________________

आया है मौसम देखो दिलो का
प्यार कर ले मुझे टूट कर तुम
फिर चली जाएँगी ये बहारे
यादो के बस रहेंगे सहारे
फिट ढूंढेगे हम तुमको कहा रे...
प्यार तो नहीं , प्यार तो नहीं ||२
____________

हर कतरा मेरे पागल दिल का
बस तेरा ही कहा मानता है
कुछ सुनता नहीं ये मेरा तो
अब तुझे ही खुदा जानता है
अब खुदा से हम क्या छुपाये...
प्यार तो नहीं , प्यार तो नहीं|| २

Snap from morkut.com

Thursday, January 13, 2011

मृग कस्तूरी

किसी के संग के बिना
कितनी अधूरी सी लगती है
ये ज़िन्दगी कभी एक मृग 
कस्तूरी सी लगती है 
:-(:-(:-(:-(:-(:-(:-(:-(:-(:-(:-(:-(
थामे खुद का हाथ
करते खुद से बात
भागते एक शहर
से दुसरे शहर
ये कितनी
गैरज़रूरी सी लगती है
ये ज़िन्दगी कभी एक मृग
कस्तूरी सी लगती है
:-(:-(:-(:-(:-(:-(:-(:-(:-(:-(:-(:-(
ऊपर और ऊपर
उससे , सबसे
जाने किस किस से
इसी फ़िक्र में
ये कितनी जिहजुरी
सी लगती है
ये ज़िन्दगी कभी एक मृग

कस्तूरी सी लगती है
:-(:-(:-(:-(:-(:-(:-(:-(:-(:-(:-(:-(

आज़ाद

नहीं नापता मैं खुद को तेरे पैमाने से .. मेरी तासीर मेल न खायेगी  इस ज़माने से ।। अपनी जेब में रख  तेरे कायदे कानून .. मैं नहीं टूटने वाला ते...