चलो, हमदर्द नहीं तो
मेरा दर्द ही बन जाना तुम ,
महसूस करूं धड़कनों में हर वक्त
इस तरह,
मेरा मर्ज ही बन जाना तुम ।।
शब्दों की गहराई अचूक है !! जब साथ हो जाती है तो नयी दुनिया बना लेती है !! मैं इन्ही शब्दों का शब्दकार हु , शब्दों से खेलना मेरी आदत , शब्दों में जीना मेरी हसरत !! जुडये मेरे साथ , कुछ सुनिए कुछ सुनाइए , एक दुसरे का हौसला बढाइये||
Thursday, October 09, 2025
अलविदा
सुना था,
मंजिलें नहीं होती
खुशियों की , बस रास्ते होते है ।
बदल न जाएं मौसम फिर से
हमने एक मोड पे
उन्हें , अलविदा कह दिया ।।
मंजिलें नहीं होती
खुशियों की , बस रास्ते होते है ।
बदल न जाएं मौसम फिर से
हमने एक मोड पे
उन्हें , अलविदा कह दिया ।।
ज़ख्म
कौन भूलता है , भुलाने के लिए ।
गुजर जाए कुछ वक्त तो सुकून आए
ज़रूरी है भूल जाना भी
ज़ख्मों में धूल चढ़ाने के लिए ।।
गुजर जाए कुछ वक्त तो सुकून आए
ज़रूरी है भूल जाना भी
ज़ख्मों में धूल चढ़ाने के लिए ।।
काटा
कौन कहता है कि लफ्जों से
दर्द कम होते हैं
चुभ जाए जो काटा सीने में
तो हमदर्द सिर्फ, गम होते हैं ।।
दर्द कम होते हैं
चुभ जाए जो काटा सीने में
तो हमदर्द सिर्फ, गम होते हैं ।।
दर्द
सब दरवाजे बंद हैं दिलों के
तो आवाजें कौन सुने,
और कौन सुने फरियादें ...
अपने ही मन में दब के
रह गई हैं बातें दिल की
और आंखों में
लंबी बरसाते।।
तो आवाजें कौन सुने,
और कौन सुने फरियादें ...
अपने ही मन में दब के
रह गई हैं बातें दिल की
और आंखों में
लंबी बरसाते।।
सवाल
कुआं, तू बुझा देता है सबकी प्यास
फिर तेरी प्यास कौन बुझाता है?
सबको घर ले जाने वाले, ओ रास्ते
तुझे मंजिल कौन पहुंचता है ?
जला कर खुद को, रौशन करने वाले
ए आग , तुझे अंधेरे से कौन बचाता है ?
सब को देने वाले , परबरदिगार
क्या तुम्हे भी कोई खुशियां दे जाता है?
फिर तेरी प्यास कौन बुझाता है?
सबको घर ले जाने वाले, ओ रास्ते
तुझे मंजिल कौन पहुंचता है ?
जला कर खुद को, रौशन करने वाले
ए आग , तुझे अंधेरे से कौन बचाता है ?
सब को देने वाले , परबरदिगार
क्या तुम्हे भी कोई खुशियां दे जाता है?
इश्क
जो रोए न इश्क़ में तो, इश्क़ कैसा
जब तक जान पे न बन आए, तो रिस्क कैसा ।
कफ़न बांध के निकले हैं, तुम्हे पाने के लिए
अब ये सांसें ही बची है , गंवाने के लिए ।।
~राहुल
जब तक जान पे न बन आए, तो रिस्क कैसा ।
कफ़न बांध के निकले हैं, तुम्हे पाने के लिए
अब ये सांसें ही बची है , गंवाने के लिए ।।
~राहुल
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